Gandhi's Seven Sins

सात सामाजिक पापे – महात्मा गांधी

UPSC/MPSC अभ्यासक्रम संदर्भ GS-4 (Ethics): भारतीय तत्वज्ञ, नैतिक मूल्य, नैतिक दृष्टीकोन Essay: “Moral crisis in modern world”, “Ethics in public life” इ. विषयांसाठी उपयुक्त. PSIR Optional: गांधीजींच्या विचारांचा नैतिक सामाजिक पाया स्पष्ट होतो.                           परिचय महात्मा गांधी यांनी 22 ऑक्टोबर 1925 रोजी Young India या पत्रिकेत “Seven Social Sins” (सात सामाजिक पापे) मांडली. या नैतिकदृष्ट्या भ्रष्ट…

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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आणि नैतिक द्विधा

AI चे स्वरूप आणि त्यातील तफावत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) हे आधुनिक जगातील एक प्रभावी साधन बनले आहे, मात्र त्यातील नैतिकतेची (Ethics) तफावत सातत्याने जाणवत आहे. विशेषतः AI च्या उत्तरांमधील बदलत्या स्वरूपामुळे आणि त्याच्या मुळातच असलेल्या “Conformity” (अनुरूपता) तत्त्वामुळे त्याचा उपयोग कसा केला जातो, यावर देखील अनेक प्रश्न उपस्थित होतात. गेल्या काही काळात Grok आणि ChatGPT…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2018 प्रश्नपत्रिका)

खण्ड A SECTION A Q1. (a) सिविल सेवाओं के संदर्भ में सार्विक प्रकृति के, तीन आधारिक मूल्यों का कथन कीजिए और उनके महत्त्व को उजागर कीजिए। (150 शब्द) State the three basic values, universal in nature, in the context of civil services and bring out their importance. (150 words) 10 (b) उपयुक्त उदाहरणों सहित “सदाचार-संहिता”…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2017 प्रश्नपत्रिका)

खण्ड A SECTION A Q1. सार्वजनिक क्षेत्र में हित-संघर्ष तब उत्पन्न होता है, जब निम्नलिखित की एक-दूसरे के ऊपर प्राथमिकता रखते हैं : (a) पदीय कर्तव्य (b) सार्वजनिक हित (c) व्यक्तिगत हित प्रशासन में इस संघर्ष को कैसे सुलझाया जा सकता है? उदाहरण सहित वर्णन कीजिए। (150 शब्द) Conflict of interest in the public sector…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2016 प्रश्नपत्रिका)

खण्ड A SECTIONA Q1. (a) स्पष्ट कीजिए कि आचारनीति समाज और मानव का किस प्रकार भला करती है। (150 शब्द) Explain how ethics contributes to social and human well-being. (150 words) 10 (b) क्या कारण है कि निष्पक्षता और अपक्षपातीयता को लोक सेवाओं में, विशेषकर वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में, आधारभूत मूल्य समझना चाहिए? अपने उत्तर…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2015 प्रश्नपत्रिका)

प्रश्नों के उत्तर बन्धनी में विनिर्दिष्ट शब्द सीमा से ज्यादा न हों। उत्तर की विषय-वस्तु शब्द सीमा से अधिक महत्त्वपूर्ण है। Answer questions in NOT MORE than the word limit specified for each in the parenthesis. Content of the answer is more important than its length. खण्ड-A SECTION-A 1. (a) ‘पर्यावरणीय नैतिकता’ का क्या अर्थ…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2014 प्रश्नपत्रिका)

प्रश्नों के उत्तर बन्धनी में विनिर्दिष्ट शब्द सीमा से ज्यादा न हों। उत्तर की विषय-वस्तु शब्द सीमा से अधिक महत्त्वपूर्ण है। Answer questions in NOT MORE than the word limit specified for each in the parenthesis. Content of the answer is more important than its length. खण्ड-A SECTION-A 1. (a) सभी मानव सुख की आकांक्षा…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2013 प्रश्नपत्रिका)

प्रश्नों के उत्तर बन्धनी में विनिर्दिष्ट शब्द सीमा से ज्यादा न हों। उत्तर की विषय-वस्तु शब्द सीमा से अधिक महत्त्वपूर्ण है। Answer questions in NOT MORE than the word limit specified for each in the parenthesis. Content of the answer is more important than its length. खण्ड-A SECTION-A ‘मूल्यों’ व ‘नैतिकताओं’ से आप क्या समझते…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2024 प्रश्नपत्रिका)

सामान्य अध्ययन – 4 (2024 प्रश्नपत्रिका) खण्ड A SECTION A Q1. (a) प्रशासनिक तर्कसंगत निर्णय लेने के लिए इनपुट के एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का अनुप्रयोग एक बहस का मुद्दा है। नैतिक दृष्टिकोण से इस कथन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दीजिए) The application of Artificial Intelligence…

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सामान्य अध्ययन – 4 (2023 प्रश्नपत्रिका)

सामान्य अध्ययन – 4 (2023 प्रश्नपत्रिका)   खण्ड A SECTION A Q1. (a) भारत में कॉर्पोरेट शासन के संदर्भ में ‘नैतिक ईमानदारी’ और ‘पेशेवर दक्षता’ से आप क्या समझते हैं? उपयुक्त उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए । (उत्तर 150 शब्दों में दीजिए) What do you understand by ‘moral integrity’ and ‘professional efficiency’ in the context of…

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